गुरुदेव जी समाज और सोशल मीडिया की एक ऐसी सच्चाई सामने रखते हैं, जिस पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं। क्यों आज के दौर में अजीब हरकतें करने वाले लोग जल्दी प्रसिद्ध हो जाते हैं, जबकि समझदार, विद्वान और गहरी सोच रखने वाले लोग पीछे रह जाते हैं?
गुरुदेव बताते हैं कि इसके पीछे केवल ट्रेंड या एल्गोरिदम नहीं, बल्कि व्यक्ति की मानसिकता और ग्रहों का समय भी अहम भूमिका निभाता है। इस पॉडकास्ट में शनि और मंगल के अशुभ प्रभाव से जुड़ी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई है, जैसे स्किन का खराब होना, बालों का जल्दी सफेद होना, पिंपल्स, आत्मविश्वास की कमी और पेट से जुड़ी परेशानियां।
साथ ही बरगद, दूर्वा, देसी घी और दान से जुड़े ऐसे सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय बताए गए हैं, जो जीवन में स्थिरता और मजबूती लाते हैं। करियर और रिश्तों में बार-बार आ रही रुकावटों के पीछे छिपे ग्रह दोषों और उनके व्यावहारिक समाधान इस पॉडकास्ट को बेहद खास बनाते हैं। यह वीडियो केवल ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन को समझने और सुधारने का मार्ग दिखाता है।जो यूर्स होते हैं वो रातोंरात फेमस हो
जाते हैं। उनकी कुंडली में ऐसा कौन सा योग
है? जो सच में बहुत समझदार और
इंटेलेक्चुअल हैं लोग जो साइंस को विधि को
विधान को सामाजिकता दुनियादारी को समझते
हैं वो जब किसी चीज का कोई प्रवचन करते
हैं ना तुम जाकर देखो सबसे कम व्यू उन्हीं
रील्स के हैं और जो सिर्फ चाटुकारिता में
लिपटी हुई रील बनाते हैं और एक दो श्लोक
साथ में गढ़ देते हैं जो कि सामने वाले को
नहीं समझ आते कि यह श्लोक में क्या बोला
है उनकी रील चल जाती गुरुदेव ग्रहों को
ठीक करके या फिर कुछ ऐसे उपाय करके क्या
हम अपनी स्किन को भी अच्छा कर सकते हैं?
जब तक हर शनिवार को तवा, चिमटा या अंगीठी
इनमें से कोई भी एक चीज दान देनी शुरू
नहीं करते तब तक इनकी स्किन ग्लो ही नहीं
करती।
जिनको ना तो कामयाबी मिल रही है करियर
में। ऐसे लोगों को क्या करना चाहिए? चंद्र
मंगल को अच्छा करना बहुत जरूरी है। और
चंद्र मंगल को अच्छा करने के लिए देसी घी
का हलवा दूध में बना करके मंदिर चढ़ा के
बांटते रहना चाहिए। सोमवार या मंगलवार
[संगीत] का दिन चुनते हैं।
गुरुदेव आजकल हम Instagram पर देखते हैं
कि इतने सारे इन्फ्लुएंसर्स रातोंरात फेमस
हो जाते हैं। जो यूर्स होते हैं वो
रातोंरात फेमस हो जाते हैं। वॉग्स बनाते
हैं। तरह-तरह की चीजों के बारे में
इंफॉर्मेशन देते हैं। तो रातोंरात फेमस
कैसे हो जाते हैं? उनकी कुंडली में ऐसा
कौन सा योग है जो उन्हें रातोंरात फेमस
बनाता है?
पर ये जितने फेमस हुए
जो आज से 5 साल पहले फेमस थे क्या आज हैं?
नहीं नाम निशान भी ढूंढने से नहीं मिल रहा
है ना उसका कारण क्या है
जो सच में बहुत समझदार और इंटेलेक्चुअल है
लोग जो साइंस को विधि को विधान को
सामाजिकता दुनियादारी को समझते हैं वो जब
किसी चीज का कोई प्रवचन करते हैं ना और
किसी अच्छी चीज को समझाते हैं तुम जाके
देखो सबसे कम व्यू व्यू उन्हीं रील्स के
हैं।
सबसे कम व्यू उन्हीं रील्स के हैं। उसके
पीछे का रीज़ उनको दुनिया के अंदर कामयाब
सिर्फ 20% जो लोग हैं ना वो देखते हैं।
क्योंकि उन्हीं को उनकी बात समझ आती है।
80% जो फेलियर लोग हैं जिनकी अपनी
मानसिकता किसी काम की नहीं है। जो अपने आप
को नहीं संभाल सकते। अपनों को नहीं संभाल
सकते। अपने कोई हालात को नहीं संभाल सकते।
वो 80% लोग हैं बेटा। और यह जो अटपटी सोच
के साथ एक फनी सा कुछ करके जो रील बना दी
जाती है ना यह 80% लोग देखने वाले हैं।
तो 100 में से इनको सिर्फ 20 लोग ही
देखेंगे। इनको 100 में से 80 लोग देखेंगे।
तो 150 करोड़ की जनता में से जोड़ के
देखना कि अब कितने व्यू मिलेंगे एक अच्छे
समझदार को और कितने एक बेकार सी रील को
व्यू मिलने वाले
जी
समझ गई ना इसका रीजन ये है और ये सोशल
मीडिया साइटों ने पैसे भी उन्हीं के लिए
रखे हुए हैं जिनकी रील ज्यादा चल जाए
उन्हें पता है समझदारों की चलनी ही नहीं
चलनी उनकी है जो खुद गरीब है और पूरी जी
जान लगा देंगे ये कोई भी एक रील को हिट
कराने के लिए। इसलिए आज आप मॉल पे देखो,
सड़कों पे देखो, जंगल पे देखो, पहाड़ियों
के साइड पे देखो, बिल्डिंगों पे चढ़ के
छलांग तक मार देते हैं। कहीं गिर जाते
हैं, एक्सीडेंट हो जाता है इनका। बेटा
ऐसीऐसी मानसिकता के लोग लगे हुए हैं। पीछे
तो अभी एक चलन चला था। गाड़ी है रोड के
बीचोंबीच खड़ी। तलवार लेके आए उसके साथ
केक काट रहे हैं। [हंसी]
किसकी? कोई समझदार शर्मदार इंसान तो नहीं
ये काम कर सकता। है ना? [हंसी]
तो अब बताओ यह बिल्कुल अलग सी चीज करके यह
एक समझदार के तो दिमाग में भी नहीं आता।
यह शरारती दिमागों में आता है और शरारती
फनी होते हैं भाई। ठीक है? और कोई भी जो
पल भर का एंटरटेन कर जाए ऐसी रील को ही
देखना चाहता है। जो एक प्रवचनकर्ता कहीं आ
गया ना उसमें उसे वह स्किप मारते हैं। ठीक
है? अब प्रवचनकर्ता में भी दो तरह के हैं
बेटा। जो रियल विज्ञान समझाने लगे उसकी
रील तो चलनी ही नहीं
और जो सिर्फ एक
चाटुकारिता में लिपटी हुई रील बनाते हैं
और एक दो श्लोक साथ में गढ़ देते हैं जो
कि सामने वाले को नहीं समझ आते कि ये
श्लोक में क्या बोला है। उनकी रील चल जाती
है। ठीक है? तो बेटा इसका तो मैं विधान
बताऊं क्या? और इसका जन्म कुंडियों से कोई
संबंध भी नहीं है। हां संबंध है वो इंसान
जो आध्यात्मिक भी है, समझदार भी है जिसकी
जिंदगी में पहले कोई अच्छा समय नहीं आया
महादशा के हिसाब से अगर इसमें मशहूर होने
का समय आ गया, सुख पाने का समय आ गया तो
वो लोग निकल जाते हैं। ठीक है? और यह जो
80% वाले हैं बेटा इनकी तो कुंडली ही खराब
होती है और जिसकी वजह से इनकी कुंडली में
बहुत कम देर के लिए अच्छा समय आता है।
ज्यादा देर के लिए आता ही नहीं। तो इसीलिए
यह लोग आते हैं साल, 2 साल, तीन साल में
गायब हो जाते हैं। ठीक है? फिर यह बड़े
नहीं हो पाते। यह तभी बड़े बनेंगे कि इनकी
कुंडली के अंदर मशहूर होने का योग तो है
लेकिन ग्रहों के टकराव को जब तक ठीक नहीं
कर लेंगे यह एस्ट्रोलॉजिकल उपाय करके तब
तक यह जिंदगी को बहुत अच्छा नहीं चला
सकते। ठीक है? ये चीज इसका जवाब बस इतना
ही बनता है।
गुरुदेव ग्रहों को ठीक करके या फिर कुछ
ऐसे उपाय करके क्या हम अपनी स्किन को भी
अच्छा कर सकते हैं? क्योंकि आजकल हम देखते
हैं कि हर जगह पर स्किन केयर प्रोडक्ट्स
बहुत ज्यादा इन है और ज्यादातर यूथ यही
चाहता है कि वो अच्छा दिखे। उनकी स्किन
अच्छी लगे। तो क्या ग्रह इसमें बहुत बड़ा
योगदान देते हैं?
अब मैं तेरे को एक बात बताता हूं बेटा।
सारा कुछ किया धरा तो ग्रहों का ही है। हम
जिस वक्त पैदा हुए उस तरह के जिस तरह के
आपकी कुंडली के अंदर गए बैठ के सब कुछ
उन्होंने ही करना है। अब मैं तेरे को पांच
सात चीजें बताता हूं।
शनि का संबंध लग्न के साथ में हो गया
खराब। शनि का। इंसान की स्किन ड्राई रहती
है। आंखें कमजोर होने लगती है। बाल बहुत
जल्दी पकने लगते हैं। ठीक है? पेट भी खराब
रहता है। जब वो बड़ी उम्र में हो जाते हैं
तो उनकी कमर पांव में दर्द भी होता है। तो
यह कभी स्किन से सुंदर नहीं लगते।
ठीक है? यह जब तक हर शनिवार को तवा, चिमटा
या अंगीठी इनमें से कोई भी एक चीज दान
देनी शुरू नहीं करते। और जब तक बरगद के
पेड़ के ऊपर दूध पानी मिलाकर के चार दाने
चीनी के डाल के ये बरगद के पेड़ पर चढ़ाने
नहीं लगते और चढ़ाकर गीली मिट्टी का तिलक
माथे पे नहीं लगाने लगते तब तक इनकी स्किन
ग्लोई नहीं करती। वाइट होने लगे बाल वो
कंट्रोल में ही नहीं आते। आंखों पे चश्मा
लगता ही लगता है। ठीक है? क्योंकि ये शनि
ने लग्न में बैठ के सूर्य और मंगल दोनों
को खराब कर दिया। ठंडा कर दिया। ठीक है?
शरीर में पूरी गर्मी नहीं बनी। तो अगर
शरीर में पूरी गर्मी नहीं बनी तो क्या
होगा? यह जीवन साथी को भी सेटिस्फाई नहीं
रख सकते। इनका स्वभाव और फिजिकली यह उतना
सेटिस्फाई नहीं रख पाते। तो इनके साथ यह
भी प्रॉब्लम हो गई। तो इसके साथ ये जो
मैंने दो उपाय बताए तवा, चिमटा, अंगीठी और
बरगद के पेड़ के ऊपर दूध, पानी चढ़ाकर चार
दाने चीनी के मिलाकर के चढ़ाना और गीली
मिट्टी का तिलक लगाना। यह दो उपाय। तीसरा
एक पतासा घर से लेके जाए हफ्ते में तीन
बार। ठीक है? बरगद के पेड़ का पत्ता
तोड़िए। उसमें से दूध निकलता है। वो दो या
तीन बूंद पतासे के अंदर गिरा के बेटा
हफ्ते में तीन बार यह खा लो। ये आपकी दवाई
है जो हिम्मत कॉन्फिडेंस सब कुछ देगी और
साथ में आपके बाल भी काले होने देगी और
स्किन के अंदर ग्लो देगी और बुढ़ापे में
कमर पापां पांव का दर्द नहीं होने देगी।
तो इसका ये कई तुमने लोग देखे होंगे उनके
पिंपल्स ही निकलते रहते हैं। पिंपल्स उनके
इतने निकलते हैं कि उनका चेहरा ब्रश जाता
है। इसको बोलते हैं मंगल खराब। और यह मंगल
खराब वालों के पेट के अंदर गर्मी बड़ी
होती है। इनको गैस, एसिडिटी, कब्ज भी होती
है। इनको गुस्सा भी जल्दी आता है। समझ गए?
काम करने लगते हो तो काम दबा के करते हैं।
समझ गए? लेकिन यह मंगल खराब है। किसी ना
किसी तरह से हमारी जठ रखनी को खराब कर रहा
है। खून के अंदर इंफेक्शन भी पैदा कर रहा
है। इनको ठीक करने के लिए क्या करना है?
वही दूरवा घास जो परमात्मा को चढ़ाई जाती
है। है ना? गणपति जी पे चढ़ाते हो ना
दूरघास।
जी। वही धुर्वा घास लो
इसका ना थोड़ा सा पानी डाल के 510 ग्राम और
10 एक डंडियां लेके इसकी यह मिक्सी के
अंदर ग्राइंड कर लीजिए या सिलबट्टे पे कूट
के इसको पानी के साथ इकट्ठा कर लीजिए और
इसको निचोड़ के घास को अलग फेंक दीजिए जो
पिसी हुई है उसका पानी बेटा दो-ती महीने
पी के तो देखो पेट की सारी गर्मी को शांत
करके स्किन के ऊपर बिल्कुल ग्लो ले आएगा
सब अच्छा रह
और तीसरी चीज
जो डॉक्टरों ने समझाते समझाते जहर बना दी
और वो क्या देसी घी को जहर बना दिया हार्ट
अटैक हो जाएगा रगों में फैट जम जाएगी ये
है वो है हर एक इंटर अगर पढ़े लिखे हो
उन्हीं को मानते हो ना जाके लेटेस्ट
रिसर्च निकाल के देखना
कि देसी घी से बड़ा अमृत कोई नहीं है धरती
पर डॉक्टर स्वयं खाने लग गए हैं। लेकिन
हमारी मानसिकता पीछे अटकी हुई है। जो
इंसान रोज देसी घी खाता है उसके चेहरे पर
ग्लो आएगा और जो बाहर से क्रीमें लगाता है
ना वो अंदर से सूखता चला जाएगा और एक दिन
बीमारियों का घर बनेगा।
पीछे तो इतना साइकोलॉजिकल वार किया गया ऐड
के थ्रू। मेरे को याद है वो ऐड। ओहो देखो
इसके चेहरे पर फैट है। यह देखो घी आया हुआ
है। तो फेस वॉश से मुंह धुलवाते थे। कहते
हां ये ठीक है। इसमें अब चमक नहीं है। अरे
बड़े बुजुर्ग आज तक कहते आए हैं कि भाई
इसके चेहरे का नूर देखो। चेहरा चमक रहा
है। यानी अंदर से फिट है इंसान।
और ये सड़े हुए चेहरे वालों को फिट बताने
लग गए। तो बेटा सारा मार्केटिंग के खेल के
अंदर फंस के लोगों का हाल खराब कर दिया।
अब तो अच्छा यह है कि पेट में गर्मी है तो
धुर्वाघाता से ठीक कर लो। शनि खराब है तो
तवा, चिमटा, अंगीठी का उपाय करके बरगद के
पेड़ की शरण में जाकर के उसको ठीक कर लो।
मतलब ही नहीं बीमारियां बचे और मतलब ही
नहीं कि आपका चेहरा ना चमके। पर इन दोनों
ही सीन में देसी घी खाना बहुत जरूरी है।
देसी घी खाओगे तो पूरा चेहरा चमचम करेगा।
अच्छा होगा, सुंदर दिखोगे। नहीं तो बेटा
शादी वाले दिन हल्दी का उपटन लगा के एक
दिन पीले हो भी जाओगे तो क्या मिलेगा? बाद
में फिर तो सड़ी हुई स्किन के साथ ही जीना
है। ठीक है? तो इसीलिए हमेशा के लिए
अच्छे, सुखी और तंदुरुस्त बनो। घी खाते
रहो। गुरुदेव एक प्रश्न उन लोगों के लिए
जिनको ना तो कामयाबी मिल रही है करियर में
ना उनकी ग्रोथ हो रही है ना उनको कोई
अच्छा लाइफ पार्टनर मिल रहा है यानी चारों
तरफ से मुसीबतें उन लोगों को घेर चुकी
हैं। ऐसे लोगों को क्या करना चाहिए?
इसमें ना दो तरह के लोग हैं बेटा।
एक वह है कि जो बृहस्पत के मारे हुए हैं।
यह लोग वह हैं जो बहुत ज्यादा पूजा पाठ
में चले गए हैं। दिन रात घंटियां खड़काते
हैं। घर में ही आरतियां करते हैं। भगवानों
को ले बैठे हुए हैं। उनकी मानसिकता में यह
है कि भगवान ठीक करेगा।
इनको रियलिटी में इससे दूर होना होगा।
और उनको प्रैक्टिकल होना पड़ेगा कि मैं 5
मिनट परमात्मा को देता हूं। बाकी 23 घंटे
55 मिनट मैं अपने काम को दूंगा, अपनी नींद
को दूंगा, अपने आराम को भी दूंगा, अपनी
जरूरतों को भी दूंगा और अपने फर्जों को भी
दूंगा। इनको वो छोड़ना पड़ेगा। ठीक है? और
ऐसी अवस्था के अंदर
उनको चंद्र मंगल को अच्छा करना बहुत जरूरी
है। और चंद्र मंगल को अच्छा करने के लिए
उनको
देसी घी का हलवा दूध में बना करके मंदिर
चढ़ा के बांटते रहना चाहिए। सोमवार या
मंगलवार का दिन चुन लें। ठीक है? तो इन
लोगों पे खुशहाली आने लगेगी घर पे। नहीं
तो यह एक ही बात कहते हुए दुनिया से
जाएंगे कि हमने तो परमात्मा को बहुत पूजा।
कभी किसी के साथ बुरा नहीं किया। उसके
बावजूद परमात्मा ने हमें क्या दिया? एक तो
यह लोग हैं। दूसरे लोग दूसरे प्रकार के जो
लोग होते हैं बेटा यह शनि खराब के लोग
हैं। यह बहुत ज्यादा पूजा पाठ नहीं करते।
और कई तो परमात्मा को मानते भी नहीं।
लेकिन उसके बावजूद इनकी मानसिकता होती है
गुस्से वाली, चिड़चिड़ेपन वाली और दूसरों
में कमी निकालने वाली और एक अलग प्रकार की
अकड़ कि हमारी भी तो इज्जत है। यह जो
हमारी भी इज्जत है और काम बड़े छोटे-छोटे
कर रहे हैं। बेटा इन लोगों को भी अमीर
बनाना संभव नहीं हो पाता। क्योंकि ये इसी
चीज में फंसे हुए हैं कि हम अनखी लोग हैं।
समझे? और ठीक है परमात्मा के आगे हाथ जोड़
देते। इससे फालतू नहीं कुछ खास करते।
कोई पूजापाठ का खास समय आए तो उसमें भी यह
शिरकत कर लेते हैं। लेकिन बहुत ज्यादा
नहीं करते।
यह वह लोग हैं जो शनि के मारे हुए हैं। इन
लोगों को ही शनि मंदिर जाकर के तेल चढ़ाकर
उड़द साबुत काले चने, सरसों का तेल, काला
कपड़ा लोहा यह वहां पर अर्पित करके और
उसके बाद में इनको पीपल के पेड़ के ऊपर जल
चढ़ाना चाहिए हर बृहस्पतिवार को और हर
शनिवार को शनि के दान देने चाहिए और हर
मंगलवार को मिठाई बांटनी चाहिए। यह जब तक
यह वाले उपाय नहीं करेंगे तब तक इनकी अकड़
नहीं टूटती। और जिनकी अकड़ नहीं टूटेगी
बेटा सामने वाला काम क्यों देगा? समझ गए?
क्योंकि सामने वाला इंसान को ऐसा चाहता है
जो फ्लैक्सिबल हो। जो आराम से समझ भी जाए।
आराम से समझ के कहीं-कहीं साथ भी दे। ठीक
है ना? तो ऐसा लोग सबको चाहिए होता है। और
अकड़ने वाला बंदा तो किसी को नहीं चाहिए।
वह अपनी इज्जत की दुहाई लेके अकेला ही
समाज में चलता है। उस वक्त तो वह साथी भी
नहीं मिलते। है ना? तो यह दो उपायों को
खास तौर पर समझें कि अगर बहुत ज्यादा पूजा
पाठ कर करके आपने अपना हाल खराब कर लिया
तो क्या करना है और अगर अकड़-अकड़ के अपना
हाल खराब कर लिया तो क्या करना? उपाय
मैंने दोनों दे दिए हैं। ठीक है? तो ये
करिए इनके बाद गरीब के पास गरीबी नहीं
रहेगी। समझे? और जो फेलियर इंसान है उसको
कामयाबी की सीढ़ी जरूर मिलेगी। ठीक है?
करके देखिए। तब देखिए जरा इस ज्योतिष का
जलवा क्या होता है।
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